हिमाचल के शहरी विकास विभाग को केंद्र सरकार ने 366 करोड़ रुपए की सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। प्रदेश सरकार ने करीब 600 करोड़ रुपए के प्रस्ताव केंद्र को भेजे है। इसमें शहरी विकास विभाग को नोडल एजेंसी बनाते हुए राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना 2025-26 के तहत 366 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय से स्वीकृति प्राप्त हुई है। मंगलवार को राज्य सचिवालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने यह जानकारी दी है।
उन्होंने कहा कि लोक निर्माण और शहरी विकास विभाग के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में सडक़, आधारभूत संरचना और शहरी सुविधाओं को मजबूत बनाने पर बल दिया जा रहा है। राज्य के दूरदराज, पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों में सडक़ संपर्क को बेहतर बनाना सरकार की विशेष प्राथमिकता है।
हाल ही में उन्होंने केंद्रीय परिवहनमंत्री नितिन गडकरी तथा शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भेंट कर प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उनके समक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्तावों को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लगभग 600 करोड़ रुपए के प्रस्ताव केन्द्र को भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग के अथक प्रयासों से यह स्वीकृति प्राप्त हुई है। हिमाचल के लिए यह एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है जिससे शहरी विकास को नई गति मिलेगी तथा आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
