Beginning of revolution of 1857 in Shimla area
- 11 मई, 1857 ई. को मेरठ, अम्बाला और दिल्ली के विद्रोह और कत्लेआम का समाचार शिमला पहुँचा। ब्रिटिश सेना के कमाण्डर-इन-चीफ जनरल जॉर्ज एनसन ने जतोग, सपाटू, डगशाई और कसौली की सैनिक छावनियों के सैनिक को अम्बाला कूच करने के आदेश दिए और स्वयं भी हड़बड़ाहट में अंबाला की ओर निकल पड़ा। देशी सेना ने उसका आदेश नहीं माना।
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- शिमला क्षेत्र में आतंक जनरल निकोलस पैन्नी के निर्देशानुसार 800 यूरोपीय स्त्री, पुरुष और बच्चे पहले चर्च और बाद में शिमला बैंक (ग्रैंड होटल) में एकत्रित हुए। शिमला के डिप्टी कमिश्नर लॉर्ड विलियम हे लोगों को सुरक्षा प्रदान करने में असमर्थ रहे।
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- यूरोपीय लोगों ने डगशाई सैनिक बैरकों एवं जुन्गा राजमहल में जाकर शरण ली। कुछ अँग्रेज धामी, कोटी, बलसन और बघाट के शासकों की शरण में आ पहुँचे। मेजर जनरल गोवन्ज ने 15 मई. 1857 ई. को परिवार सहित जुन्गा के राजा के पास शरण ली। कर्नल कीथयंग और कर्नल ग्रेटहैंड ने भी परिवार सहित क्योंथल के राजा के पास शरण ली।
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Revolt of 1857
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