हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से अस्पतालों के लिए दवाओं और ड्रग्स की आपूर्ति के लिए निकाले गए एक बड़े टेंडर पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि सरकार इस टेंडर प्रक्रिया के तहत फिलहाल किसी को भी कॉन्ट्रैक्ट जारी नहीं करेगी। मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने मैसर्स मार्क लेबोरेटरीज लिमिटेड द्वारा दायर याचिका पर यह अंतरिम आदेश पारित किया।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि टेंडर की शर्तें जानबूझकर इस तरह बनाई गई हैं, ताकि हिमाचल प्रदेश के स्थानीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को इस रेस से बाहर किया जा सके। याचिकाकर्ता ने बताया कि सरकार ने 1403 दवाओं की सप्लाई के लिए न्यूनतम सालाना टर्नओवर की शर्त को बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये कर दिया है।
इससे पहले, फरवरी-मार्च 2026 के टेंडर में यह शर्त सिर्फ 20 करोड़ रुपये थी और अक्टूबर 2024 में हिमाचल के स्थानीय निर्माताओं के लिए इसे घटाकर 10 करोड़ रुपये किया गया था। कोर्ट में दलील दी गई कि टेंडर में ऐसी कोई शर्त नहीं है कि सभी 1403 दवाएं किसी एक ही बड़े निर्माता द्वारा सप्लाई की जानी अनिवार्य हों।
याचिकाकर्ता कंपनी का टर्नओवर 189.89 रुपये करोड़ है और वह पहले भी सरकार को 19 तरह की दवाएं सफलतापूर्वक सप्लाई कर चुकी है, लेकिन इस 500 करोड़ रुपये की नई शर्त के कारण वे इस बार बाहर हो गए। चूंकि मामला संवेदनशील है और अस्पतालों में दवाओं की सप्लाई रुकनी नहीं चाहिए, इसलिए हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि राज्य सरकार अगले आदेश तक पुराने बिडर्स (सप्लायर्स) से ही दवाओं की खरीद जारी रख सकती है।
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Question & Answer
FAQ 1: हिमाचल हाई कोर्ट ने दवाओं के टेंडर पर रोक क्यों लगाई?
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने दवाओं की सप्लाई के टेंडर की शर्तों को लेकर उठाए गए सवालों के बाद अंतरिम रोक लगाई। याचिकाकर्ता का आरोप था कि 500 करोड़ रुपये के न्यूनतम सालाना टर्नओवर की शर्त से स्थानीय MSME दवा निर्माता प्रतिस्पर्धा से बाहर हो सकते हैं।
FAQ 2: हिमाचल में कितनी दवाओं की सप्लाई के टेंडर पर रोक लगी है?
अस्पतालों के लिए 1,403 दवाओं की सप्लाई से जुड़े टेंडर पर हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाई है।
FAQ 3: दवाओं के टेंडर में न्यूनतम सालाना टर्नओवर की शर्त कितनी थी?
संबंधित टेंडर में न्यूनतम सालाना टर्नओवर की शर्त 500 करोड़ रुपये रखी गई थी। याचिका में पहले के टेंडरों की तुलना में इस बढ़ोतरी पर सवाल उठाए गए।
FAQ 4: क्या हिमाचल के अस्पतालों में दवाओं की सप्लाई बंद होगी?
कोर्ट ने राज्य सरकार को अगले आदेश तक पुराने बिडर्स यानी मौजूदा सप्लायर्स से दवाओं की खरीद जारी रखने की अनुमति दी है, ताकि अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति प्रभावित न हो।
FAQ 5: हिमाचल हाई कोर्ट ने दवा टेंडर मामले में क्या आदेश दिया?
हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश में राज्य सरकार को इस टेंडर प्रक्रिया के तहत फिलहाल किसी को नया कॉन्ट्रैक्ट जारी नहीं करने का निर्देश दिया है।
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