रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने गतिमान लक्ष्य को निशाना बनाने में सक्षम ‘मैन पोर्टेबल’ टैंक रोधी गाइडेड मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया है। रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि इस मिसाइल का परीक्षण रविवार को महाराष्ट्र की अहिल्या नगर स्थित केके रेंज में किया गया। परीक्षण डीआरडीओ की रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, हैदराबाद ने किया।
[the_ad id=”1305″]
देश में ही विकसित इस मिसाइल में अत्याधुनिक स्वदेशी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है जिनमें इमेजिंग इंफ्रारेड (आईआईआर) होमिंग सीकर, पूर्णतः विद्युत आधारित नियंत्रण एक्ट्यूएशन प्रणाली, फायर कंट्रोल सिस्टम, टैंडम वारहेड, प्रणोदन प्रणाली तथा उच्च प्रदर्शन दृष्टि प्रणाली शामिल हैं। इन प्रणालियों का विकास डीआरडीओ की सहयोगी प्रयोगशालाओं द्वारा किया गया है। मिसाइल का सीकर दिन और रात दोनों समय युद्ध संचालन में सक्षम है। इसका मुखास्त्र आधुनिक मुख्य युद्धक टैंकों को नष्ट करने में सक्षम है। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड इस हथियार प्रणाली के विकास एवं उत्पादन भागीदार हैं। इस मिसाइल को ट्राइपॉड या सैन्य वाहन लॉन्चर से प्रक्षेपित किया जा सकता है।
[the_ad id=”1301″]
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ, विकास एवं उत्पादन भागीदारों तथा उद्योग जगत को बधाई दी और इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। टीम को बधाई देते हुए रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने कहा कि परीक्षण लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेदा गया है, जिससे यह हथियार प्रणाली भारतीय सेना में शामिल किये जाने के लिए तैयार है।
[the_ad id=”1301″]
State-level Watershed Festival 2025 and Mission Watershed Revival launched in Nagaland.