विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अपने ‘प्रतिरोध की धुरी’ गठबंधन का इस्तेमाल करके इज़राइल पर हमला कर सकता है। ‘प्रतिरोध की धुरी’ ईरान के नेतृत्व में स्वायत्त उग्रवादी इस्लामी समूहों का एक नेटवर्क है, जिसकी शुरुआत 1979 की ईरानी क्रांति से हुई थी।
इसमें लेबनान का शिया उग्रवादी संगठन हिज़्बुल्लाह, फ़िलिस्तीनी सुन्नी उग्रवादी समूह हमास, फ़िलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद और यमन का एक उग्रवादी समूह हूथी शामिल हैं। 1980 के दशक की शुरुआत में लेबनान में स्थापित हिज़्बुल्लाह, जिसका अर्थ है ‘ईश्वर की पार्टी’, इस गठबंधन का सबसे बड़ा और सबसे सक्षम सदस्य है।






