हिमाचल प्रदेश में 10,000 होनहार छात्रों को लैपटॉप या टैबलेट खरीदने के लिए मिलेंगे वाउचर।

Teachers Attendance

Himachal Pradesh, 10,000 meritorious students will receive vouchers to purchase laptops or tablets.

हिमाचल प्रदेश सरकार स्कूल शिक्षा बोर्ड में 10वीं व 12वीं कक्षा के मेधावी छात्रों सहित एचपीयू के मेधावियों को सम्मानित करेगी। सम्मान के तौर पर इन्हें लैपटॉप-टेबलेट दिए जाएंगे। दिसंबर से पहले यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में दो रोज पूर्व राज्य सचिवालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा की गई थी। उन्होंने स्कूल शिक्षा निदेशालय को निर्देश दिए हैं कि 31 दिसंबर से पहले लैपटॉप आवंटन की प्रक्रिया को पूरा कर दिया जाए।

 

2023-24 के मेधावियों को मिलेंगे वाउचर 

विभागीय अधिकारी ये सुनिश्चित करें कि सभी मेधावियों को लैपटॉप मिलें। वित्तीय वर्ष 2023-24 के मेधावियों को ये लैपटॉप मिलने हैं। स्कूल शिक्षा निदेशालय विद्यार्थियों को 16-16 हजार कीमत के वाउचर देगा। इनके पास विकल्प रहेगा यदि वह ज्यादा कीमत का लैपटॉप या टेबलेट खरीदना चाहते हैं तो वह खरीद सकते हैं। यदि तय कीमत का लैपटॉप उन्हें चाहिए तो वह घर तक पहुंच जाएगा। 

पोर्टल पर खरीद के लिए आवेदन

मेधावियों को लैपटॉप देकर सम्मानित करने के लिए विभाग कार्यक्रम का आयोजन भी करेगा। सरकार ने इसका जिम्मा राज्य इलेक्ट्रॉनिक कारपोरेशन को सौंप रखा है। मेधावियों को पोर्टल पर खरीद के लिए आवेदन करना होगा। कंपनी कुरियर के माध्यम से उनका गैजेट्स घर तक पहुंचा देगी।

 

अपनी पसंद का गैजेट ले सकेंगे मेधावी

पहले विभाग खुद लैपटॉप-टेबलेट खरीद कर विद्यार्थियों को देता था। इसकी कॉन्फ़िगरेशन तय की गई है। कुछ विद्यार्थी ऐसा लैपटॉप चाहते हैं, जिसकी कॉन्फ़िगरेशन अच्छी हो। इसलिए विभाग ने अपना फैसला बदल कर वाउचर देने का निर्णय लिया है। 

इसके तहत विद्यार्थी के पास अपनी पसंद का गैजेट्स लेने का विकल्प रहेगा। यानी वह महंगा लेपटॉप लेना चाहता है तो 16 हजार सरकार की तरफ से मिलेंगे बाकी वह खुद खर्च कर सकते हैं। 

मेधावी विद्यार्थियों को सम्मान के तौर पर लैपटॉप-टेबलेट खरीद के लिए 16-16 हजार के वाउचर दिए जाएंगे। 10 हजार मेधावियों का नाम इसके लिए चयनित किया गया है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है, दिसंबर महीने में इस सारी प्रक्रिया को पूरा कर दिया जाएगा।
-आशीष कोहली, निदेशक, स्कूल शिक्षा विभाग।

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