केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-दो को 31 मार्च, 2026 के बाद एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। अब स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-दो योजना 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी। जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा इस संबंध में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-दो में विकास कार्यों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के तहत 48 करोड़ मिले थे। इसका कार्यकाल एक वर्ष बढऩे के बाद हिमाचल में इस योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों के लिए केंद्र से ओर बजट मिलेगा।
Swachh Bharat Mission Phase-II: Himachal Pradesh will receive more budget.
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-दो के तहत प्रदेश के 92 उपमंडलों में विकास कार्य चल रहे हैं, जिसमें प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के गंदे पानी का ट्रीटमेट, सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट, खुले में शौच से मुक्त और स्वच्छता की स्थायी व्यवस्था के कार्य चल रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-दो के तहत करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरे हो चुके हैं।
अब इस योजना का कार्यकाल बढऩे के बाद विभाग की ओर से केंद्र सरकार को विकास कार्यों की वार्षिक कार्यान्वयन योजना तैयार करके भेजी जाएगी और उसके बाद प्रदेश में किए जाने वाले विकास कार्याे ओर बजट मिलेगा। फेज-2 में विस्तार का उद्देश्य देश के सभी गांवों में 100 प्रतिशत ओडीएफ प्लस (खुले में शौच से मुक्त और स्वच्छता की स्थाई व्यवस्था) का लक्ष्य हासिल करना है।
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च, 2027 के बाद किसी भी तरह का और समय विस्तार नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2026-27 के लिए स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 7192 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की अवर सचिव कीर्ति कुमार द्वारा इस बारे में आदेश जारी किए गए हैं। सभी राज्यों और जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश को केंद्र एवं राज्यांश के लिए अलग-अलग बजट लाइन बनाने और फेज-दो के तहत निर्धारित वित्तीय मानकों के अनुसार राज्य बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान करने को कहा गया है।
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