प्रशिक्षण तथा रोजगार हेतु कार्यक्रम का उद्देश्यः
महिलाओं की उत्पादकता में वृद्धि करके और उन्हें आय उत्पादन कार्यकलाप शुरू करने के योग्य बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर और स्वायत्त बनाना।
प्रशिक्षण तथा रोजगार हेतु कार्यक्रम की पात्रताः
सोसाईटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 अथवा राज्य सरकार के समकक्ष अधिनियम के तहत पंजीकृत सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों, जिला ग्रामीण विकास अभिकरणों, संघों, सहकारी तथा स्वैच्छिक संगठनों, गैर सरकारी स्वैच्छिक संगठनों जिनकी पंजीकरण की अवधि कम से कम तीन वर्ष हो।
प्रशिक्षण तथा रोजगार हेतु कार्यक्रम हेतु सहायताः

Support to Training and Employment Programme
पारम्परिक क्षेत्रों जैसे कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, हथकरघा, हस्तशिल्प, डेरी आदि में प्रशिक्षण हेतु कार्यक्रम के संचालन के लिये 90 प्रतिशत तक अनुदान पात्र संस्थाओं को उपलब्ध करवाया जाता है। 10 प्रतिशत राशि संस्था द्वारा अपने संसाधनों में से वहन करनी होती है।
प्रशिक्षण तथा रोजगार हेतु कार्यक्रम की प्रक्रियाः
पात्र संस्थाएं निर्धारित प्रपत्र पर सम्बन्धित बाल विकास परियोजना अधिकारी/ जिला कार्यक्रम अधिकारी के माध्यम से परियोजना प्रस्ताव प्रबन्ध निदेशक, महिला विकास निगम को भेज सकती हैं। प्रस्ताव राज्य स्तरीय सशक्तिकरण समिति की सिफारिशों के साथ भारत सरकार को भेजे जाते हैं।
इस योजना के तहत परियोजना प्रस्ताव 5 वर्ष तक के लिए स्वीकृत किए जाते हैं तथा लाभार्थियों की संख्या 2000 से 10000 के बीच होनी चाहिए ।
सम्पर्क अधिकारीः
सम्बन्धित जिला कार्यक्रम अधिकारी/बाल विकास परियोजना अधिकारी/प्रबन्ध निदेशक, हि० प्र० महिला विकास निगम
HP Women Development Corporation
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