1857 का विद्रोह: पहाड़ी रियासतों का सहयोग

Himachal History Revolt of 1857 HLK

1857 का विद्रोह  Cooperation of the hill states

27 मई. 1857 ई. को ब्रिटिश सेनापति जनरल जॉर्ज एनसन का अम्बाला में देहान्त होने के बाद सर एच. बर्नार्ड को नया कमाण्डर-इन-चीफ नियुक्त किया गया। 28 मई, 1857 ई. को जतोग, सपाटू, कसौली, डगशाई और कालका के देशी सैनिकों ने विद्रोह त्यागने का निर्णय लिया।

1857 का विद्रोह
Himachal History

7 जून. 1857 ई. को शिमला म्यूनिसिपल कमेटी के प्रेजीडेन्ट कर्नल सी.डी.ब्लेयर ने पंजाब के चीफ कमिश्नर लॉरेंस को पत्र भेज शिमला की सुरक्षा के लिए कैप्टन ब्रिग्ज को मार्शल लॉ की शक्ति देने का आग्रह किया।

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परिणामस्वरूप जॉन लॉरेंस ने विलियम हे को डबल बैरल गन वाले 20 जवान, 50 पुलिस और 100 देशी गार्ड दिए। विलियम हे ने 7 अगस्त, 1857 ई. को कहलूर रियासत के 50 जवान बालूगंज में सिरमौर रियासत के 600 सैनिक कुंवर बीर सिंह के नेतृत्व में बड़ा बाजार में, रियासत क्योंथल, धामी, भज्जी और कोटी के 60 सिपाही डिप्टी कमिश्नर के आवास पर नियुक्त किए गए।

इसके अलावा 250 जवान बाघल, जुब्बल, कोटी, क्योंथल और धामी शासकों ने आपातकाल के लिए नियुक्त किए।

1857 का विद्रोह

Revolt of 1857 : Ramprasad Bairagi (रामप्रसाद बैरागी) की भूमिका

Revolt of 1857 : भीम सिंह के नेतृत्व में नसीरी बटालियन द्वारा विद्रोह

 

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Author: Ram Bhardwaj