National Centre for Polar and Ocean Research (NCPOR) ने अपनी सिल्वर जुबली (25 साल) मनाई और यादगार पोस्टेज स्टैम्प जारी किए। इसे 25 मई 1998 को एक ऑटोनॉमस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) इंस्टीट्यूट के तौर पर बनाया गया था। इसे पहले नेशनल सेंटर फॉर अंटार्कटिक एंड ओशन रिसर्च (NCAOR) कहा जाता था। यह मिनिस्ट्री ऑफ़ अर्थ साइंसेज के तहत काम करता है और वास्को डी गामा में है। यह इंडियन अंटार्कटिक प्रोग्राम और आर्कटिक, अंटार्कटिक, सदर्न ओशन और हिमालय में पोलर एक्सपीडिशन को कोऑर्डिनेट करता है।
- ध्रुवीय अनुसंधान: यह अंटार्कटिका में भारत के मैत्री और भारती जैसे अनुसंधान केंद्रों के प्रबंधन के साथ-साथ आर्कटिक में भारत के हिमाद्रि स्टेशन का संचालन भी करता है।
- महासागर और जलवायु अध्ययन: यह महासागरों के वैज्ञानिक अनुसंधान, ग्लेशियरों का अध्ययन और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर शोध करता है।
- खनिज संसाधनों की खोज: इसका कार्य ईईजेड (Exclusive Economic Zone) में गैस हाइड्रेट की खोज और भारतीय रिज क्षेत्र में मल्टी-मेटल हाइड्रोथर्मल खनिजीकरण तक भी फैला हुआ है।
- वैज्ञानिक अभियान: यह अंटार्कटिका और आर्कटिक के लिए वैज्ञानिक अभियानों का समन्वय और संचालन करता है, और यह भारत का एकमात्र संस्थान है जो ध्रुवीय प्रदेशों से हिमशैल (icebergs) को इकट्ठा और संसाधित करने की क्षमता रखता है।
The National Centre for Polar and Ocean Research (NCPOR) celebrated its Silver Jubilee (25 years) and released commemorative postage stamps. It was established on 25 May 1998 as an autonomous Research and Development (R&D) institute.
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