Himachal Pradesh High Court : पूर्व सैनिकों को पुलिस भर्ती में शामिल करे सरकार

COURT

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पूर्व सैनिकों को पुलिस कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने स्पष्ट किया कि अनुबंध के आधार पर की गई नियुक्ति को स्थायी नागरिक रोजगार नहीं माना जा सकता, इसलिए ऐसे अभ्यर्थी पूर्व सैनिक कोटे के तहत उच्च पदों के लिए पात्र हैं।

 

 

अदालत ने पिछले आदेशों और विनोद कुमार बनाम हिमाचल राज्य मामले के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि 21 फरवरी 2009 के सरकारी निर्देशों के अनुसार, जब तक किसी पूर्व सैनिक को नियमित नियुक्ति नहीं मिल जाती, तब तक उसका नाम लाइव रजिस्टर में बरकरार रहना चाहिए और वह आरक्षित कोटे का लाभ पाने का हकदार है।

 

बता दें कि अनिल कुमार और अन्य याचिकाकर्ताओं ने अदालत में गुहार लगाई थी कि उन्हें पुलिस कांस्टेबल की भर्ती में पूर्व सैनिक कोटे का लाभ नहीं दिया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि वे वर्तमान में केवल अनुबंध पर कार्यरत हैं और उन्हें अभी तक कोई नियमित सिविल रोजगार नहीं मिला है। सुनवाई के दौरान प्रतिवादी सैनिक कल्याण विभाग की ओर से अदालत को सूचित किया कि विभाग ने अपनी गलती सुधार ली है।

 

[the_ad id=”1301″]

15 दिसंबर 2025 को जारी नए कार्यालय निर्देशों के अनुसार, याचिकाकर्ताओं के नामों को अब पुलिस कांस्टेबल के पद के लिए नामांकित कर दिया गया है। अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए सक्षम प्राधिकारियों को निर्देश दिए कि याचिकाकर्ताओं के नामांकन के आधार पर भर्ती की आगे की प्रक्रिया को तुरंत पूरा किया जाए और पूर्व सैनिकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

 

Himachal Pradesh High Court order: दिव्यांग कर्मियों के तबादलों में अब 60 के बजाय 40 फीसदी दिव्यांगता आधार

Author: Bolta Himachal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *