महाभारत के अनुसार कुलिंद पर अर्जुन ने विजय प्राप्त की थी। कुलिंद रियासत व्यास, सतलुज और यमुना के बीच की भूमि थी जिसमें सिरमौर, शिमला, अम्बाला और सहारनपुर के क्षेत्र शामिल थे।
वर्तमान समय के “कुनैत” या ‘कनैत’ का संबंध कुलिंद से माना जाता है। कुलिंद के चाँदी के सिक्के पर राजा ‘अमोघभूति‘ का नाम खुदा हुआ मिला है। यमुना नदी का पौराणिक नाम ‘कालिंदी’ है और इसके साथ-साथ पर पड़ने वाले क्षेत्र को कुलिंद कहा गया है।
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इस क्षेत्र में उगने वाले ‘कुलिंद’ (बहेड़ा) के पेड़ों की बहुतायत के कारण भी इस जनपद का नाम कुलिन्द पड़ा होगा। महाभारत में अर्जुन ने कुलिन्दों पर विजय प्राप्त की थी। कुलिन्द राजा सुबाहू ने राजसूय यज्ञ में युधिष्ठिर को उपहार भेंट किए थे। कुलिंदों की दूसरी शताब्दी के ‘भगवत चतरेश्वर महात्मन’ वाली मुद्रा भी प्राप्त हुई है।
कुलिंदों की ‘गणतंत्रीय शासन प्रणाली’ थी। कुलिन्दों ने पंजाब के योद्धाओं और अर्जुनायन के साथ मिलकर कुषाणों को भगाने में सफलता पाई थी।
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Milk production and per capita availability of milk in HP
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