हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अनुबंध कार्यकाल की गणना, वरिष्ठता और अन्य लाभों पर राज्य सरकार को कड़ा आदेश दिया है। अदालत ने 1 दिसंबर तक सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के तहत पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है। न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की एकल पीठ ने राजेश कुमार बनाम हिमाचल प्रदेश और अन्य की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया। अदालत को अवगत कराया गया कि राज्य सरकार की ओर से देवेंद्र कुमार और अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश के मुख्य फैसले के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका को उच्चतम न्यायालय ने 29 जुलाई 2026 को खारिज कर दिया था।
शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को फैसले का अनुपालन करने के लिए चार महीने का समय दिया था। वहीं, दूसरी ओर न्यायाधीश ज्योत्स्ना रिवाल दुआ की अदालत ने अनुबंध के आधार पर सेवाएं दे चुके दर्जनों कर्मचारियों (मित्तल कुमार और अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश) की ओर से दायर याचिकाओं का निपटारा करते हुए राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह याचिकाकर्ताओं की अनुबंध सेवा अवधि को वार्षिक वेतन वृद्धि, वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य परिणामी लाभों के लिए जोड़ने के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय की गई समयावधि के भीतर विचार करे।
हिमाचल हाईकोर्ट ने अनुबंध कर्मियों के मामले में क्या आदेश दिया?
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