हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अनुबंध कर्मचारियों के वेतन संशोधन और अतिरिक्त भुगतान की रिकवरी से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने कर्मचारियों को दिए अतिरिक्त वेतन की रिकवरी पर रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि यदि प्रशासनिक गलती या टाइपिंग की त्रुटि के कारण किसी कर्मचारी को तय नियमों से अधिक वेतनमान दे दिया गया है, तो प्रदेश सरकार को उस गलती को सुधारने और नियमों के तहत आगे से वेतनमान घटाने का पूरा अधिकार है।
हाईकोर्ट ने कहा कि इसमें कर्मचारियों की कोई धोखाधड़ी या गलती नहीं थी, इसलिए उनसे अतिरिक्त राशि की वसूली नहीं की जा सकती। न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की एकल पीठ ने यह आदेश ज्योति शर्मा और अन्य की ओर से दायर याचिका का निपटारा करते हुए दिया। मामले के अनुसार, याचिकाकर्ताओं ने वर्ष 2013 के विज्ञापन के तहत एडवोकेट जनरल कार्यालय में जूनियर स्केल स्टेनो (अनुबंध आधार) के पद के लिए आवेदन किया था। विज्ञापन और वर्ष 2014 के नियुक्ति पत्र में उनका वेतनमान 10,300-34,800+3,200 ग्रेड पे के साथ 13,500 प्रति माह तय किया गया था।
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