मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश ने इस वित्त वर्ष 2023-24 से पूरे राज्य में लागू की जाने वाली एक नई योजना ‘हिम उन्नति’ की घोषणा की। योजना के तहत, कृषि और संबद्ध क्षेत्र के विकास के लिए. 1.239 समूहों की पहचान की गई है, जिनमें से प्रत्येक में न्यूनतम 40 बीघा कृषि योग्य भूमि है।

योजना के तहत सभी हितधारकों यानी कृषि विभाग 1,200, राज्य परियोजना कार्यान्वयन इकाई (एस.पी.आई.यू.) 1,100, जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जे.आई.सी.ए.)-300 कुल 2,600 क्लस्टर की पहचान की जानी है।
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राष्ट्रीय बांस मिशन
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 25 अप्रैल, 2018 को पुनर्गठित राष्ट्रीय बांस मिशन को अपनी मंजूरी दी। इस मिशन का मुख्य लक्ष्य कृषि आय के पूरक के लिए गैर-वन सरकारी और निजी भूमि पर बांस के वृक्षारोपण के तहत क्षेत्र को बढ़ाना तथा इसमें योगदान देना है।
HP Cabinet decisions : हिम उन्नति योजना को लागू करने का निर्णय
08/09/2024
हिम उन्नति योजना को लागू करने का निर्णय
राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल ने रसायनमुक्त उत्पादन और उत्पाद के प्रमाणीकरण के लिए क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण को अपनाते हुए हिम उन्नति योजना को लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के अंतर्गत लगभग 50 हजार किसानों को शामिल करने के लिए 2600 कृषि समूहों को स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
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यह योजना कृषि समुदायों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए आवश्यक क्षमता निर्माण प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी। इसके अलावा प्राकृतिक खेती से उगाए गए गेहूं को 40 रुपये प्रति किलो और मक्का को 30 रुपये प्रति किलो खरीदने की योजना है।
Him Unnati Yojana
हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (एच.पी.एस.सी.एस.सी.)
ग्रामीण अधोसंरचना विकास निधि (आर.आई.डी.एफ.)
हिम उन्नति योजना