महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम में बदलाव और इसे कमजोर किए जाने के विरोध में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार सोमवार को रिज मैदान पर अनशन करेगी। यह अनशन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष आयोजित किया जाएगा। इस अनशन में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार, सरकार के मंत्रिमंडल के सदस्य, कांग्रेस विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व पदाधिकारी, विभिन्न बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, अग्रणी संगठनों व विभागों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्त्ता भाग लेंगे।
मुख्यमंत्री सुक्खू का आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना के नाम से महात्मा गांधी का नाम हटाने और इसके बजट व दायरे को सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीब, मजदूर और ग्रामीण जनता के लिए जीवन रेखा है। ऐसे में उन्होंने जनता से भी इस आंदोलन में शामिल होकर केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा के मूल उद्देश्यों को कमजोर कर रही है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी की सोच थी, जिससे देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। कोरोना काल में जब किसी के पास काम नहीं था तो मनरेगा में ही आम आदमी को घर-द्वार काम की गारंटी मिली।
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