हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने किन्नौर जिले के युला गांव में बन रही 20 मेगावाट की रोरा खड्ड जलविद्युत परियोजना के निर्माण कार्यों से जुड़ी अनियमितताओं पर कड़ा संज्ञान लिया है।मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने इस मामले को जनहित याचिका के रूप में दर्ज करते हुए राज्य सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे निर्माण स्थल की वर्तमान स्थिति पर चल रहे कार्यों और सुरक्षा मानकों की जांच कर अगली सुनवाई तक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश करें।
मामले की अगली सुनवाई 4 मई को होगी। अदालत ने यह संज्ञान समाचार पत्रों में छपी रिपोर्ट्स के आधार पर दर्ज किया गया है, जिनमें युला गांव के निवासियों ने परियोजना के निर्माण में हो रही लापरवाही के खिलाफ आवाज उठाई थी। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य के दौरान किए जा रहे अंधाधुंध विस्फोट, मलबे का अवैज्ञानिक तरीके से डंपिंग करने पर आक्रोश जताया है। ग्रामीण का कहना है कि इससे पर्यावरण और स्थानीय बस्तियों को खतरा पैदा हो गया है।
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