हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भारतीय स्टांप (हिमाचल प्रदेश संशोधन) विधेयक, 2025 को प्रस्तुत किया। इस विधेयक के प्रावधानों के अनुसार राज्य में संपत्ति के हस्तांतरण अथवा लीज पर 12 फीसदी स्टांप शुल्क देना होगा।
स्टांप शुल्क भूमि की बाजार कीमत अथवा भूमि की बिक्री के लिए दोनों पक्षों में हुए अनुबंध की राशि जो भी अधिक हो, का 12 फीसदी देना होगा। यानी सरकार की तरफ से यह संशोधन स्टांप ड्यूटी में बढ़ौतरी करने के उद्देश्य से लाया गया है।
इस विधेयक के पारित होने के बाद सरकार भूमि मुजारा कानून की धारा-118 के तहत संपत्ति के हस्तांतरण अथवा इसे लीज पर देने की एवज में 12 फीसदी स्टांप शुल्क ले सकेगी। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025 को भी पेश किया। यह संशोधन एक राष्ट्र-एक कर के दृष्टिगत लाया गया है।
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