लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से आग्रह किया है कि रोहित वेमुला अधिनियम को लागू किया जाए, ताकि प्रदेश में किसी छात्र को जातिवाद का वो दंश न झेलना पड़े। इस पत्र में उन्होंने पीएचडी छात्र रोहित वेमुला, पायल तड़वी और दर्शन सोलंकी के नामों का जिक्र भी किया है।
उन्होंने कहा कि इनकी हत्या को स्वीकार्य नहीं किया जा सकता। जिस तरह का अत्याचार बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने झेला उसी तरह का अत्याचार रोहित वेमुला सहित देश के करोड़ों लोगों ने झेला है। राहुल गांधी ने पत्र में कहा है कि अब इस तरह का अत्याचार कोई और सहन न करें इसलिए इसके खात्मे का समय आ गया है।
सरकार जल्द लेगी निर्णय

कांग्रेस के रायपुर अधिवेशन में निर्णय लिया था कि सत्ता में आने पर वह अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यक वर्गों के छात्रों का सम्मान एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रोहित वेमुला नाम से एक अधिनियम बनाकर इसे पारित करेगी। अब जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं उन राज्यों को पार्टी हाइकमान ने इस पर काम करने का निर्देश दिए हैं। हिमाचल सरकार ने इस पर काम शुरू कर दिया है। यह अधिनियम किस तरह का होगा इसे तैयार किया जा रहा है। इसका प्रारूप तैयार होने के बाद मुख्यमंत्री राहुल गांधी को इसके बारे में अवगत करवाएंगे।



