आथिक तंगहाली के बीच हिमाचल प्रदेश में विधायकों, मंत्रियों के वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी के विधेयक शुक्रवार को विधानसभा सदन में पारित हो गए। इससे पहले साल 2016 में माननीयों के वेतन-भत्तों को बढ़ाया गया था। वेतन वृद्धि करीब 25 से 30 हजार रुपये हुई है। हालांकि, वेतन वृद्धि के साथ प्रदेश के विधायकों को बड़ा झटका भी लगा है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को सदन में मंत्रियों, विधायकों, विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन-भत्ते और पेंशन से संबंधित तीन संशोधन विधेयक रखे, जिन्हें ध्वनिमत से पारित किया गया।
MLA का वेतन बढ़ा
विधायकों का वेतन 55,000 से बढ़ाकर 70,000 प्रति माह किया गया है। दैनिक भत्ते को 1800 से बढ़ाकर 2500 रुपये प्रतिदिन, निर्वाचन क्षेत्र भत्ते को 90,000 से बढ़ाकर 1.20 लाख, कार्यालय भत्ते को 30,000 से बढ़ाकर 90,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है। मुफ्त यात्रा सीमा को बढ़ाकर ढाई लाख से रुपये, यात्रा अग्रिम 25,000 से 50 हजार रुपये किया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष वेतन बढ़ा
विधानसभा अध्यक्ष का वेतन प्रति माह 80,000 से 95000 हजार रुपये, पांच हजार रुपये प्रति माह प्रतिपूरक भत्ता मिलेगा। सत्कार भत्ता 95 हजार से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये, उपाध्यक्ष का वेतन 75,000 से बढ़ाकर 92,000 किया गया है। जबकि सत्कार भत्ता 95 हजार से 1.25 लाख रुपये किया गया। पांच हजार रुपये प्रति माह प्रतिपूरक भत्ता मिलेगा।
Salary of ministers and MLAs increased in Himachal



