प्रदेश की सडक़ों पर दौडऩे वाली पेट्रोल टैक्सियां भी अब ई-टैक्सी में बदलेंगी। इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले चरण में प्रदेश में 1000 पेट्रोल टैक्सियों को ई-टैक्सी में बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसका लाभ जहां पात्र को मिलेगा, वहीं पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी यह ई-टैक्सियां अपनी अहम भूमिका निभाएंगी। सरकार की ओर से पेट्रोल टैक्सियों को ई-टैक्सी में बदलने को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार राजीव गांधी ई-टैक्सी स्टार्टअप योजना के अंतर्गत पात्र को 50 फीसदी सबसिडी की सुविधा प्रदेश सरकार द्वारा मुहैया करवाई जा रही है। अभी तक सैकड़ों लोग सरकार की इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। प्रदेश भर से कई लोगों ने ई-टैक्सी के लिए आवेदन किया हुआ है और संबधित विभाग की ओर से नियमानुसार प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है। सरकार की योजना का लाभ पात्र को प्रदान किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उदेश्य से पेट्रोल पर आधारित टैक्सियों को चरणबद्ध तरीके से ई-टैक्सी में बदलने का निर्णय लिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार राजीव गांधी स्टार्ट योजना के तहत ही इन ई-टैक्सियों को लाया जाएगा। इस योजना के तहत टैक्सी मालिकों को ई-टैक्सी खरीद पर 40 प्रतिशत तक की सबसिडी प्रदान की जाएगी।



