Himachal: स्वास्थ्य अधिकारियों की सेवाओं पर सरकार से मांगा स्पष्टीकरण

doctor i

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में स्वीकृत पदों पर करीब 4-5 साल से लाइफ केयर लिमिटेड में नियुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की सेवाओं पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। यह सभी याचिकाकर्ता सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के रूप में कार्यरत हैं। इनकी नियुक्ति भारत सरकार की लाइफ केयर लिमिटेड और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के अनुसार हुई है।

 

[the_ad id=”1301″]

याचिकाकर्ताओं को आशंका है कि उन्हें अब अनुबंध कर्मचारियों के एक अन्य समूह की ओर से प्रतिस्थापित किया जा रहा है। हाईकोर्ट में यह याचिका वर्ष 2022 में अखिल भारतीय सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ की ओर से दायर की गई है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि उनकी सेवाओं को नेशनल हेल्थ मिशन के तहत लिया जाए। वीरवार को हुई सुनवाई में सरकार ने अपने जवाब में याचिकाकर्ताओं के संबंधित पदों पर रोजगार के तथ्य को स्वीकार किया है।

 

HIGH COURT
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

महाधिवक्ता अनूप रत्न ने 12 अक्टूबर 2022 के संचार का हवाला देते हुए कहा कि भारत सरकार की ओर से जारी स्पष्टीकरण के अनुसार राज्य सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए कर्मियों को नियुक्त करने के लिए स्वतंत्र है और एनएचआरएम अनुबंध के माध्यम से मानव संसाधन की भर्ती के लिए बाध्य नहीं है।

[the_ad id=”3700″]

 

कुल 1500 स्वीकृत पद हैं और 627 याचिकाकर्ता वर्तमान में कार्यरत हैं, इसलिए उन पदों को फिर से विज्ञापित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है जिन पर याचिकाकर्ता पहले से काम कर रहे हैं। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने टिप्पणी की कि महाधिवक्ता के प्रस्तुतीकरण से यह स्पष्ट है कि याचिकाकर्ताओं को वर्तमान में हटाया नहीं जा रहा है और न ही उन्हें किसी अन्य समूह के कर्मचारियों द्वारा प्रतिस्थापित किया जा रहा है, जैसा कि याचिकाकर्ताओं को डर था।

HRTC pensioners: एचआरटीसी पेंशनरों को अक्तूबर की पेंशन जारी करने के आदेश

 

Author: Ram Bhardwaj

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *