हिमाचल प्रदेश सरकार ने तकनीकी शिक्षा के तहत राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों के प्राचार्यों की नियुक्ति और पदोन्नति को लेकर नए भर्ती एवं पदोन्नति नियम अधिसूचित कर दिए हैं। लोक सेवा आयोग से परामर्श के बाद तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग ने नए नियम लागू कर दिए हैं।
वर्ष 1993 से लागू पुराने नियमों को समाप्त कर दिया गया है। नए नियमों के तहत प्रदेश में पॉलीटेक्निक प्राचार्य के कुल 23 पद स्वीकृत किए गए हैं। यह पद ग्रुप-ए (चयन श्रेणी) का होगा और इसका वेतनमान लेवल-28 निर्धारित किया गया है। इस पद पर 100 फीसदी नियुक्ति पदोन्नति के माध्यम से ही की जाएगी। सीधी भर्ती का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है।
प्राचार्य पद के लिए पदोन्नति उन्हीं अधिकारियों को मिलेगी जो वर्तमान में विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं और निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और अनुभव रखते हों। पीएचडी धारक उम्मीदवारों के लिए संबंधित विषय में स्नातक या परास्नातक स्तर पर प्रथम श्रेणी के साथ कम से कम 16 वर्ष का अनुभव अनिवार्य होगा। इसमें से 5 वर्ष विभागाध्यक्ष स्तर पर और 3 वर्ष पीएचडी के बाद का अनुभव होना जरूरी है।
वहीं पीएचडी रहित उम्मीदवारों के लिए प्रथम श्रेणी के साथ कम से कम 20 वर्ष का अनुभव जरूरी होगा, जिसमें 7 वर्ष विभागाध्यक्ष से कम नहीं होना चाहिए। पीएचडी धारकों के लिए पिछले 5 वर्षों का औसत फीडबैक स्कोर 5 से 8 के बीच होना चाहिए। बिना पीएचडी वाले अधिकारियों के लिए यह स्कोर 8 से 10 निर्धारित किया गया है। फीडबैक की गणना एआईसीटीई की 1 मार्च 2019 की अधिसूचना के अनुसार की जाएगी।
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