Himachal Transfer Policy: हिमाचल में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर लगी रोक हटने की उम्मीद के बीच सरकार ने पूरी तबादला व्यवस्था को नए सिरे से कसने की तैयारी कर ली है। तबादलों के मार्गदर्शक सिद्धांत-2013 (सीजीपी-2013) में बदलाव की समीक्षा के लिए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कैबिनेट सब कमेटी गठित की गई है। कमेटी की सिफारिशों के आधार पर गृह जिले और एक ही जिले के भीतर तबादलों के लिए नए दिशा-निर्देश बनेंगे।
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री कमेटी के अध्यक्ष होंगे।जबकि कृषि मंत्री चंद्र कुमार, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी समिति के सदस्य होंगे। प्रधान सचिव (कार्मिक) एम सुधा देवी कमेटी की सदस्य सचिव होगी। समिति मौजूदा तबादला नीति के प्रविधानों की समीक्षा कर सरकार को अपनी सिफारिशें देगी। अंतिम निर्णय कैबिनेट में होगा
फैसले का इंतजार, 6000 आवेदन,
तबादलों पर लगे प्रतिबंध हटने की राह देख रहे कर्मचारियों को फिलहाल और इंतजार करना पड़ सकता है। प्रदेश में छह हजार से अधिक तबादला आवेदन लंबित हैं और नई व्यवस्था का फैसला इन आवेदनों के भविष्य को भी प्रभावित करेगा। सामान्य तबादलों पर प्रतिबंध के कारण नियमित स्थानांतरण नहीं हो पा रहे हैं। विशेष परिस्थितियों और रिक्त पदों के आधार पर ही कुछ तबादले किए जा रहे हैं। अब नियमों की समीक्षा के लिए समिति बनने से कर्मचारियों की उम्मीदें उसके फैसले पर टिक गई हैं।
बीते 11 अक्टूबर को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने अपने विधानसभा क्षेत्र में कर्मचारियों के तबादलों में कथित हस्तक्षेप का मुद्दा उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें विश्वास में लिए बिना स्थानांतरण करवाए जा रहे हैं और एक युवा नेता अपनी मर्जी से तबादले करवा रहा है। कैबिनेट में जब यह मामला सामने आया तो अन्य मामलों को भी रखा गया। बैठक में न्यायालय के आदेशों और प्रशासनिक पहलुओं पर भी चर्चा हुई थी। इसके बाद ही तबादला व्यवस्था की समीक्षा के लिए कैबिनेट सब कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया।
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