ऑपरेशन सिंदूर के बाद बिना पायलट वाली ताकत बढ़ाने के लिए, भारतीय सेना ने तुरंत और सैटेलाइट से जुड़े हेरॉन Mk II बिना पायलट वाले एरियल व्हीकल (UAV) खरीदे हैं।

हेरॉन Mk II एक मीडियम-एल्टीट्यूड लॉन्ग-एंड्योरेंस (MALE) UAV है जिसे इज़राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज़ (IAI) ने बनाया है। यह 8.5 m लंबा है, इसके पंखों का फैलाव 16.6 m है, और यह 490 kg पेलोड और 1,430 kg का मैक्सिमम टेकऑफ़ वज़न उठा सकता है।
[the_ad id=”1301″]
यह 45 घंटे उड़ता है, 35,000 ft तक पहुँचता है, और 1,000 km से ज़्यादा दूरी तक काम करता है। इसमें लंबी दूरी की बॉर्डर-सेफ निगरानी के लिए इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल/इंफ्रा-रेड (EO/IR), इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस (ELINT), और कम्युनिकेशन इंटेलिजेंस (COMINT) सिस्टम लगे हैं।
‘हेरान एमके-2’ मध्यम ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ान भरने में सक्षम (एमएएलई) ड्रोन है, जो 35,000 फुट की ऊंचाई तक पहुंचने और लगातार 45 घंटे तक हवा में रहने में सक्षम है। इजरायली वायुसेना के अलावा दुनियाभर की 20 सैन्य इकाइयां इस ड्रोन का इस्तेमाल करती हैं।