| प्रायः यह देखा गया कि अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग के निर्धन ग्रामीण शिल्पकार अपनी थोड़ी सी कार्य पूँजी की आवश्यकता के लिए वित्तीय संस्थाओं से ऋण लेने में कठिनाई का अनुभव करते थे । इस कठिनाई को दूर करने के उद्वेश्य से निगम ने प्रति शिल्पी अधिकतम मु. 5,000/-रू. तक की कार्यशील पूँजी उपलब्ध करवाने की योजना शुरू की ताकि सुगमता से उनकी यह जरूरत पूरी हो सके ।
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| योजना की मुख्य विशेषतायें : |
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Handicraft Development Scheme : हस्त शिल्प विकास योजना
