हिमाचल प्रदेश सरकार ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आइजीएमसी) शिमला में डाक्टर और मरीज मारपीट मामले के बाद सख्त रुख अपना लिया है। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग ने एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। कमेटी मेडिकल कालेज एवं अस्पतालों में नैतिक आचरण, व्यवहार और शिष्टाचार से जुड़े नियमों की निगरानी करेगी। सरकार की अधिसूचना के अनुसार मेडिकल कालेजों, अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में शांतिपूर्ण, स्वस्थ और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना अनिवार्य है।
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हाल के वर्षों में सामने आए विवादों, शिकायतों और घटनाओं ने सरकार को यह कदम उठाने पर मजबूर किया है। भले ही राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग पहले से ही नैतिक आचरण को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर चुका है, जमीनी स्तर पर उनके पालन को लेकर गंभीर सवाल उठते रहे हैं।