प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत गांवों में बनने वाली और बन चुकी सडक़ों की जानकारी अब लोगों को विभागीय कार्यालयों के चक्कर काटकर नहीं लेनी पड़ेगी। सडक़ के किनारे लगाए जाने वाले सिटीजन इन्फॉर्मेशन बोर्ड पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा। मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन करते ही संबंधित सडक़ परियोजना की पूरी जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हो जाएगी।
राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी ने हिमाचल प्रदेश समेत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। एजेंसी ने पीएमजीएसवाई की चिह्नित सडक़ परियोजनाओं के लिए क्यूआर कोड तैयार किए हैं। इन क्यूआर कोड को मौके पर लगाए जाने वाले सूचना बोर्ड पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
क्यूआर कोड स्कैन करने पर ग्रामीणों को संबंधित सडक़ के लिए स्वीकृत बजट, अब तक हुए खर्च, सडक़ की निर्धारित लंबाई, निर्माण कार्य की प्रगति और काम पूरा करने की तय समयसीमा समेत अन्य जरूरी जानकारी मिल सकेगी।

अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि सूचना बोर्ड पर क्यूआर कोड सही तरीके से लगाया गया है और मोबाइल फोन से आसानी से स्कैन हो रहा है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद राज्य स्तर पर इसका प्रमाण पत्र भी एनआरआईडीए को भेजना होगा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ई. एनपी सिंह ने बताया कि गांवों में बनने वाली पीएमजीएसवाई की सडक़ों की सही और पूरी जानकारी लोगों को उपलब्ध करवाने के लिए सडक़ किनारे लगाए जाने वाले सूचना बोर्ड पर क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य किया गया है।
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