हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में गगल एयरपोर्ट भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की आड़ में किए गए भूमि सौदों पर सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सदन में इस संबंध में वक्तव्य देते हुए कहा कि सरकार में न तो किसी गरीब की मजबूरी का सौदा होने दिया जाएगा, न सरकारी मुआवजे की बंदरबांट होगी और न ही किसी प्रभावशाली व्यक्ति को कानून से ऊपर समझने की छूट मिलेगी।
उन्होंने कहा कि गगल एयरपोर्ट के लिए प्रस्तावित भूमि के आसपास और गगरेट क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा गरीब व साधारण लोगों से औने-पौने दामों पर जमीन खरीदने का मामला सामने आया था। इसके पीछे मुख्य मकसद सरकारी अधिग्रहण के समय मोटा मुआवजा ऐंठना था। पिछले सत्र में विधायक राकेश कालिया द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद 17 फरवरी को घोषणा की गई थी और अगले ही दिन 18 फरवरी को पुलिस महानिदेशक ने डीआईजी (धर्मशाला) की अध्यक्षता में चार सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया था।
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