राजस्थान Special Intensive Revision 2026 (SIR-2026) के तहत वोटर लिस्ट का 100% डिजिटाइजेशन करने वाला पहला राज्य बन गया है। 97% से ज़्यादा वोटर मैपिंग पूरी हो गई है; दावों और आपत्तियों के दौरान सिर्फ़ 3% वोटरों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की ज़रूरत होगी। इसका मतलब है कि हर पोलिंग बूथ पर लगभग 30 वोटरों को एक्स्ट्रा जांच की ज़रूरत होगी।
इस सफलता का श्रेय बूथ लेवल अधिकारियों (BLO), सुपरवाइज़र और ज़िला अधिकारियों को दिया गया है। डिजिटाइजेशन से यह प्रोसेस ज़्यादा पारदर्शी हुआ, बूथ-वाइज़ वोटर मैनेजमेंट बेहतर हुआ, और वोटरों द्वारा बार-बार डॉक्यूमेंट जमा करने की ज़रूरत कम हुई।
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