Karthigai Deepam festival मुख्य रूप से किस राज्य में मनाया जाता है?

Karthigai Deepam

तिरुवन्नामलाई के श्री अरुणाचलेश्वर मंदिर में मशहूर कार्तिगई दीपम (Karthigai Deepam) फेस्टिवल शुरू हुआ। दस दिन का यह फेस्टिवल तमिल महीने कार्तिगई में होता है और इसमें बहुत सारे लोग शामिल होते हैं। कार्तिगई दीपम फेस्टिवल मुख्य रूप से तमिलनाडु में मनाया जाता है।

 

कार्तिगई दीपम, जो रोशनी का एक तमिल त्योहार है, भारत के तमिलनाडु सहित दुनिया भर में तमिल समुदाय द्वारा मनाया जाता है। यह त्यौहार अंधकार पर प्रकाश की विजय, ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक है। लोग घरों और सड़कों पर तेल के दीये (आगल विलक्कु) जलाकर बुराई को दूर भगाते हैं और घरों में समृद्धि लाते हैं। यह उत्सव आमतौर पर तमिल महीने कार्तिगाई के दौरान पूर्णिमा को मनाया जाता है, जो ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार नवंबर-दिसंबर में पड़ता है। 

Karthigai Deepam त्योहार का महत्व

  • ज्ञान और समृद्धि: यह त्योहार ज्ञान, मार्गदर्शन और आंतरिक आत्मा के जागरण का प्रतीक है, जो अज्ञान के अंधकार को दूर करता है।
  • बुराई पर अच्छाई की जीत: दीये जलाना बुराई पर अच्छाई की जीत और नकारात्मकता के विनाश का प्रतीक है।
  • सांस्कृतिक महत्व: यह त्योहार संगम युग के बाद से मनाया जा रहा है और तमिल संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है 

उत्सव के मुख्य आकर्षण

Karthigai Deepam
Karthigai Deepam
  • आगल विलक्कु: घरों और गलियों में तेल के दीये जलाना इस त्योहार का एक मुख्य आकर्षण है।
  • तिरुनलवैमलाई में महादीपम: यह उत्सव का सबसे भव्य हिस्सा है, जिसमें तिरुवन्नामलाई में अरुणाचलेश्वर मंदिर के पास अन्नामलाई पहाड़ी पर एक विशाल महादीपम (महादीप) जलाया जाता है।
  • मंदिरों में विशेष पूजा: इस अवसर पर तमिलनाडु और केरल के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
  • रथ जुलूस: कई मंदिरों में भगवान गणपति, भगवान मुरुगन और अन्य देवताओं के रथ जुलूस निकाले जाते हैं।
  • धार्मिक कथा: एक पौराणिक कथा के अनुसार, यह त्योहार भगवान शिव और देवी पार्वती से संबंधित है, जिसमें भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) की पूजा की जाती है। 

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