उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि ब्यास नदी से अत्यधिक जमा मलबा हटाने (ड्रेजिंग) का कार्य खनन विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। यह कार्य आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत संबंधित जिला प्राधिकरण द्वारा किया जाता है।
विधायक भुवनेश्वर गौड़ के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने 24 नवंबर को फैसला लेते हुए अब वन विभाग को वन भूमि पर खनन अनुज्ञापन के लिए लेटर ऑफ इंटेंट जारी करने का अधिकार दे दिया है। इससे भविष्य में अनुमतियों की प्रक्रिया तेज और व्यवस्थित होगी। 2023 में ब्यास नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद कुल्लू जिले में भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया था,
जिससे कटाव और भारी नुकसान हुआ। स्थिति को देखते हुए जिला दंडाधिकारी कुल्लू ने 3 नवंबर 2023 को 44 महत्वपूर्ण स्थानों पर ड्रेजिंग की अनुमति प्रदान की। 6 जनवरी 2024 को की गई संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार ब्यास और पार्वती नदियों से कुल 1,63,126 मीट्रिक टन अधिक मलबा निकाला गया।



