हिमाचल प्रदेश में भर्ती नियमों से हटा अनुबंध

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Contract removed from recruitment rules in Himachal Pradesh

हिमाचल प्रदेश रिक्रूटमेंट एंड कंडीशन ऑफ सर्विस का गवर्नमेंट एंप्लाई एक्ट-2024 के पारित होने के बाद राज्य सरकार ने अब भर्ती नियमों में संशोधन किया है। इस संशोधन के जरिए अनुबंध शब्द और इससे जुड़े प्रावधानों को हटा दिया गया है। भर्ती नियमों के जिन प्रावधानों में अनुबंध शब्द आ रहा था, उन सभी में संशोधन हुआ है।

 

कार्मिक विभाग की सचिव की ओर से सभी विभागों के प्रशासनिक सचिवों, मंडल आयुक्त, विभाग अध्यक्षों और जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने यहां भर्ती नियमों में इसी अनुसार संशोधन कर लें। हालांकि इस संशोधन को करने के लिए विधि विभाग से फाइल की समीक्षा करवानी होगी। भर्ती नियमों की यह अधिसूचना 25 जुलाई, 2016 की थी, जिसे अब नए रूप में संशोधित माना गया है। नए निर्देशों में कॉलम नंबर चार, कॉलम नंबर 9, कॉलम नंबर 10 और कॉलम नंबर 15ए में बदलाव हुआ है।

इन सभी में अनुबंध का प्रावधान रखा गया था। संशोधन के बाद भी प्रोबेशन पीरियड दो साल ही रखा गया है, जिसे एक साल और एक्सटेंड किया जा सकता है। वर्तमान में जो अनुबंध कर्मचारी कार्यरत हैं, उनको रेगुलर करने के लिए कॉलम नंबर 10 में प्रावधान किया गया है। यहां से हालांकि अनुबंध शब्द को हटा दिया गया है और प्रावधान हुआ है कि भर्ती रेगुलर बेसिस पर या रेगुलराइजेशन के आधार पर होगी।

 

हालांकि कार्मिक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ भर्ती नियमों में वर्तमान जरूरत के अनुसार किया गया बदलाव है। 2024 में नया कानून लागू होने के बाद कॉन्ट्रैक्ट शब्द को हटाना जरूरी था, लेकिन इसकी जगह अब नई भर्ती नीति क्या होगी, यह फैसला जल्दी होने वाला है। कार्मिक विभाग की सचिव एम सुधा देवी ने बताया कि वर्तमान में नई पॉलिसी पर कंसल्टेशन चल रही है और एक हफ्ते के भीतर यह नीति भी नोटिफाई हो जाएगी। इसे कैबिनेट से पहले ही मंजूरी मिल गई है।

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