• ज्वालामुखी मंदिर काँगड़ा के ज्वालामुखी में स्थित है। अकबर ने ज्वालामुखी मंदिर में सोने का छत्र चढ़ाया था, जो अपना रंग बदल गया था। महाराजा रणजीत सिंह ने 1813 ई. में यहाँ पर स्वर्ण जल का गुम्बद बनवाया था। यहाँ पर सती की जीभ गिरी थी।
ब्रजेश्वरी देवी मंदिर काँगड़ा शहर में स्थित है। ब्रजेश्वरी देवी मंदिर को महमूद गजनवी ने तोड़ा था, जिसे बाद में पुनः बनवा दिया गया था। यह 1905 ई. के भूकंप में क्षतिग्रस्त हो गया था।
• मसरूर रॉक कट मंदिर नागर शैली का बना मंदिर है जिसे कश्मीर के राजा ललित्यादित्य ने 8वीं शताब्दी में बनवाया था। यह मंदिर काँगड़ा जिले के गग्गल नगरोटा सूरियाँ मार्ग पर स्थित है। यह मंदिर मुख्यतः शिव को समर्पित है। ठाकुरद्वारा यहाँ का मुख्य धार्मिक स्थल है, जिसमें राम, लक्ष्मण और सीता की पत्थर की मूर्तियाँ हैं। मसरूर 15 मंदिरों का समूह है। मसरूर रॉक कट मंदिर को हिमाचल का अजंता कह। जाता है। यह नागर शैली का उदाहरण है।
• वैद्यनाथ मंदिर – काँगड़ा जिले के बैजनाथ में स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। शिखर शैली में निर्मित इस मंदिर का निर्माण 1204 ई. में मयूक और आहुक नामक व्यापारियों ने करवाया था। राजा संसार चंद ने 19वीं शताब्दी में इस मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था। यह मण्डप शैली का मंदिर है।
• भागसूनाथ मंदिर – का निर्माण राजा धर्मचन्द ने करवाया था।
• बृजराज बिहारी मंदिर – नूरपुर का निर्माण राजा बासू ने करवाया था।
• लक्ष्मी नारायण मंदिर – का निर्माण राजा संसार चंद ने आलमपुर में करवाया था।
Bhuri Singh Museum Chamba : भूरी सिंह म्यूजियम
लक्ष्मी नारायण मन्दिर : laxmi narayan temple





