मण्डी रियासत “Revolt of 1857
1857 ई. के विद्रोह के समय मण्डी रियासत के राजा विजय सेन केवल दस वर्ष के थे। अँग्रेजों ने वज़ीर गोसाऊं को मण्डी स्टेट का वजीर व प्रशासक बनाया। अँग्रेजों के वफादार वजीर गोसांऊ ने विद्रोह को भड़कने से पहले ही दबा दिया। उसने अँग्रेज अफसरों की माँग पर 125 बंदूकधारी जवान ऊना-होशियारपुर विद्रोह को दबाने के लिए भेजे।
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28, मई, 1857 ई. को 60 पैदल सैनिक ट्रांस-सतलुज स्टेट्स के कमिश्नर एडवर्ड जॉन लेक के आदेश पर नालागढ़ की सुरक्षा के लिए प्रदान किए। वजीर गोसाऊं ने 50 जवान जालन्धर के विद्रोह को दबाने के लिए ब्रिटिश सरकार को प्रदान किए। युद्ध आर्थिक सहायता के रूप में मण्डी रियासत ने 125,000 रुपये ब्रिटिशर सरकार को भेंट किए। वजीर गोसाऊं ने स्वयं 15000 रुपये अपने व्यक्तिगत खाते से प्रदान किए
1857 का विद्रोह : पहाड़ी रियासतों का सहयोग
Revolt of 1857 : Ramprasad Bairagi (रामप्रसाद बैरागी) की भूमिका