फतेह प्रकाश (1815-50 ई.)
सितम्बर 1815 को गवर्नर जनरल ने फतेह प्रकाश को गद्दी पर बैठाया। फतेह प्रकाश की बाल्य अवस्था में राज्य का कार्यभार माता गुलेरी रानी को दिया गया। कैप्टन जी. बर्च को उनकी सहायता के लिये असिस्टेंट एजेंट नियुक्त किया गया। 21 सितम्बर, 1815 ई. को एक सनद द्वारा सिरमौर राज्य के मोरनी, क्यारदा दून और जौनसार बाबर क्षेत्र को अंग्रेज सरकार ने अपने पास रख लिया।
[the_ad id=”1301″]

राजा फतेह प्रकाश को 5 सितम्बर, 1833 ई. को एक सनद द्वारा 50 हजार रुपये के नजराने पर क्यारदा दून क्षेत्र वापिस लौटा दिया गया। 1827 ई. के शिमला दरबार (लॉर्ड एमहर्स्ट के सम्मान में) में फतेह प्रकाश ने भाग लिया था। फतेह प्रकाश ने नाहन में ‘शीशमहल’ और ‘मोतीमहल’ का निर्माण करवाया था। फतेह प्रकाश ने पंचकूला में नाहन कोठी बनवाई थी
Sirmaur Riyasat : राजेन्द्र प्रकाश (1933-1948 ई.)
Sirmaur Riyasat : Shamsher Prakash (1856-98 AD)