| निगम द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति वर्ग के निर्धन परिवारों के आर्थिक उत्थान हेतु कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं जिसमें स्वरोजगार योजना प्रमुख है। इस योजना के अधीन निगम द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति के निर्धन परिवारों को मु. 50,000/-रू. तक की परियोजनायें चलाने हेतु ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। यह ऋण गरीबी की रेखा से नीचे तथा गरीबी की रेखा से दुगनी आय सीमा तक के व्यक्तियों को ही दिलवाया जाता है। इस योजना को दो भागों में बाटा गया है :- (1) स्वरोजगार योजना (प्रथम) (2) स्वरोजगार योजना (द्वितीय)
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| 1. स्वरोजगार योजना (प्रथम) |
- निगम, गरीबी की रेखा के अधीन चयनित परिवारो को बैंक ऋण के अतिरिक्त कुल लागत का अधिकतम मु. 10.000/-रू. प्रति परिवार पूँजी अनुदान के रूप में उपलब्ध करवाता है ।
- पूँजी अनुदान के अतिरिक्त निगम ऐसे लाभार्थियों को ब्याज अनुदान भी प्रदान करता है ताकि उन्हें बैंक ऋण पर 4 प्रतिशत से अधिक दर से ब्याज न देना पड़े । यह सुविधा केवल ऋण की वसूली में चूक न करने वाले लाभार्थियों को ही प्राप्त होती है ।
- पात्रता :
- आवेदक हिमाचल प्रदेश का स्थाई निवासी होना चाहिए ।
- वह हि.प्र. की किसी अनुसूचित जाति या अनुसूचित जन जाति वर्ग से सम्बन्धित हो ।
- आवेदक के परिवार की वार्षिक आय सीमा :—
- ग्रामीण क्षेत्र : मु. 35,000/- रू. से अधिक नहीं ।
- शहरी क्षेत्र : मु.35,000/- रू. से अधिक नहीं ।
- आयु 18 से कम न हो ।
- आवेदक किसी बैंक या किसी अन्य ऋण देने वाली संस्था का ऋण दोषी न हो।
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