स्वास्थ्य विभाग और राज्य एड्स नियंत्रण समिति की इस पहल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रेड रिबन क्लब, युवा, शैक्षणिक संस्थान और गैर सरकारी संस्थाएं एचआईवी के बारे में लोगों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रदेश को एचआइवी मुक्त बनाना सरकार और लोगों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह ई-स्कूटर सरकार के प्रयासों को और अधिक सुदृढ़ करेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 6 हजार से अधिक व्यक्ति एचआईवी से ग्रसित हैं, जिनमें से अधिकांश में इस वायरस का प्रभाव कम है जो सरकार की नीतियों और निरंतर प्रयासों की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत प्रदेश सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही है और इसी दिशा में स्वास्थ्य विभाग को ई-स्कूटर प्रदान किए गए हैं।
Himachal: स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 12 इलेक्ट्रिक स्कूटरों को मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिखाई झंडी



