हिमाचल हाई कोर्ट से फैसला होने और उसके बाद राज्य चुनाव आयुक्त और राज्य सरकार के बीच बैठक के बावजूद पंचायत चुनाव में नया ट्विस्ट आ गया है। राज्य चुनाव आयोग का कहना है कि अभी सिर्फ दो जिलों लाहुल-स्पीति और शिमला ने ही वोटर लिस्ट फाइनल की है, बाकी जगह जिला प्रशासन ने सहयोग नहीं किया है।
सभी जिलों में जिलाधीश और एसडीएम को वोटर लिस्ट नोटिफाई करने के लिए फॉर्म 15 साइन करना होता है। यह अभी तक साइन नहीं हुआ है। दूसरी तरफ शहरी निकायों के लिए ओबीसी की जनगणना का मामला अभी शुरू ही नहीं हो पाया है। इन नई परिस्थितियों को देखते हुए राज्य चुनाव आयोग अब हाई कोर्ट में ताजा स्टेटस रिपोर्ट डालने जा रहा है।
हालांकि अभी तक हाई कोर्ट के फैसले को राज्य सरकार ने भी चुनौती नहीं दी है। यानी राज्य सरकार हाई कोर्ट द्वारा तय की गई डेडलाइन के मुताबिक चुनाव करवाने को तैयार है, लेकिन फील्ड में मशीनरी उसे अनुसार गति से नहीं चल रही। हाई कोर्ट में 28 फरवरी तक आरक्षण रोस्टर फाइनल करने को कहा है, ताकि 30 अप्रैल से पहले चुनाव की प्रक्रिया पूरी करवाई जा सके।
राज्य चुनाव आयोग को इस डेडलाइन के अनुसार इस प्रक्रिया को पूरा करवाना है। दूसरी तरफ राज्य सरकार ने नगर परिषद , नगर निगम और नगर पंचायत में प्रशासक नियुक्त कर दिए हैं, जबकि पंचायत में सामान्य काम का चलाने के लिए कमेटियों को जिम्मा सौंपा है।
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