राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम के सहयोग से अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग के महत्वकांक्षी युवाओं को मु.50,000/-रू. से अधिक परियोजना लागत के ऋण, सस्ते ब्याज पर उपलब्ध करवाये जाते है । यह वित्तीय सहायता, टैक्सी वाहन, मिनी बस, ट्रक, ट्रेक्टर होटल, ढाबा, लघु व्यवसाय आदि के लिये दी जाती है ।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
योजना का शुभारम्भ : वर्ष 1992-93
योजना :
अधिकतम ऋण सीमा मु. 50,000/- के ऊपर व : मु. 30 लाख रू. तक
ब्याज दर
5 लाख रू. तक के ऋण पर 6 प्रतिशत
5 लाख रू. से अधिक के ऋण पर 8 प्रतिशत
वित्तीय स्रोत:
शीर्ष निगम द्वारा सावधि ऋण- परियोजना लागत का 85%
राज्य निगम द्वारा सीमांत धन ऋण – परियोजना का 10%
लाभार्थी का अंशदान- परियोजना लागत का अधिकतम 5% तक
पात्रता :
आवेदक हिमाचल प्रदेश का स्थाई निवासी होना चाहिए।
वह अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग से हो।
आवेदक के परिवार की वार्षिक आय :-
ग्रामीण क्षेत्र : मु. 3,00,000/- रू. से अधिक नहीं।
शहरी क्षेत्र : मु. 3,00,000/- रू. से अधिक नहीं।
आवेदक के पास वाहन के मामले में वैध ड्राईविंग लाईसैस हो।
वह किसी बैंक या अन्य ऋण देने वाली संस्था का ऋण दोषी न हो।
प्रक्रिया: आवेदक निर्धारित आवेदन पत्र पर निम्नलिखित दस्तावेज के साथ जिला प्रबन्धक कार्यालय में आवेदन कर सकता है :
आय प्रमाण पत्र।
अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र।
हिमाचली व आयु प्रमाण पत्र।
परिवहन योजना के मामले में सम्बन्धित वाहन को चलाने का वैध लाईसैस तथा परिवहन विभाग से अनुमति पत्र।
अनुभव प्रमाण पत्र तथा ऋण सुरक्षा सम्बन्धी दस्तावेज।