मौसम विभाग ने 12, 13 व 14 सितंबर को प्रदेश में कुछ स्थानों पर मध्यम और भारी वर्षा की संभावना जताई है। 12 सितंबर को ऊना, बिलासपुर और कांगड़ा जिलों में कुछ स्थानों पर बिजली गिरने व भारी वर्षा का यलो अलर्ट है। 13 व 14 सितंबर को लाहुल स्पीति व किन्नौर को छोड़कर अन्य जिलों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का यलो अलर्ट है। 15 व 16 सितंबर को हल्की वर्षा की संभावना है। वीरवार को शिमला, कांगड़ा, बिलासपुर और मंडी में हल्की वर्षा हुई, जबकि अन्य जिलों में मौसम साफ रहने के साथ बादल छाए रहे। सिरमौर जिले के पांवटा साहिब के सतौन में बुधवार शाम गिरी नदी को पार करते निजी स्कूल का शिक्षक बह गया। शिक्षक का शव वीरवार को नदी किनारे मिला।
तीन हाईवे सहित 503 सड़कें बाधित
प्रदेश में तीन राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) और 577 सड़कें बंद हैं। कुल्लू में एनएच-तीन व 305 और ऊना में 503 बाधित हैं। एनएच सहित सड़कों को खोलने के प्रयास जारी हैं। 598 ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति बाधित है। मंडी जिला के सराज विधानसभा क्षेत्र के बालीचौकी उपमंडल के दुर्गम इलाकों में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का वीरवार को उपायुक्त अपूर्व देवगन ने निरीक्षण किया। उन्होंने शरन, गाड़ागुशैणी, खुनाजी व देवधार पंचायतों में हालात का जायजा लिया। देवधार व खुनाची में अधिक नुकसान है। रास्ते बंद होने से इन क्षेत्रों में पहले पहुंचा नहीं जा सका था।
25 से ज्यादा घर गिरने की कगार पर
अब मार्ग बहाल होने पर नुकसान का पता लगा है। देवधार में 18 घर टूटे हुए हैं। नुकसान का जायजा लेने के लिए उपायुक्त गाडागुशैणी से बंजार तक करीब 15 किलोमीटर पैदल चले। कुल्लू जिले की सैंज घाटी के मातला व जाखला गांव भूधंसाव से खतरे में है। दोनों गांवों के करीब सभी घरों में भूधंसाव होने से दरारें आ गई हैं। दोनों गांवों में 25 से ज्यादा घर गिरने के कगार पर हैं। इस कारण लोग टेंट में रहने के लिए मजबूर हैं। जमीन धंसने से स्थानीय देवता का मंदिर और प्राथमिक स्कूल भी चपेट में आ गया है। वहीं मंडी-रिवालसर-कलखर सड़क की हालत दयनीय बनी हुई है। यहां पर सड़क दलदल बन गई है। इससे दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशान होना पड़ रहा है।
4313 करोड़ का नुकसान
चंबा के सलूणी उपमंडल के तहत गांव भड़ेला में बुधवार को लकड़ी से बने तीन मंजिला मकान की छत गिर गई। हादसे के समय परिवार के सदस्य दूसरे मकान में थे। हादसा लकड़ी का बीम टूटने के कारण हुआ। प्रदेश में 20 जून से अभी तक 4313 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। वहीं, हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीएसडीएमए) ने आवश्यक सेवाओं में व्यापक व्यवधान और मृतकों की संख्या बढ़कर 380 होने की सूचना दी है।



