HP RERA: हिमाचल सरकार रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) में अध्यक्ष और मेंबर्स की चयन के लिए बनाई जाने वाली सिलेक्शन कमेटी में बदलाव करने जा रही है। इसमें अब हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की जगह मुख्य सचिव को कमेटी के अध्यक्ष के रूप में रखा जा रहा है। यदि मुख्य सचिव खुद आवेदक होंगे, तो राज्य सरकार किसी सीनियर मोस्ट अधिकारी को नॉमिनेट कर सकेगी। एक और संशोधन कार्यकाल की अवधि में भी किया जा रहा है।

अब अधिकतम कार्यकाल 65 वर्ष या चार साल की अवधि तक होगा। भू संपदा विनयमन और विकास अधिनियम-2016 के मुताबिक सिलेक्शन कमेटी में हिमाचल हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अध्यक्ष थे, जबकि हाउसिंग के सेके्रटरी और लॉ सेक्र्रेटरी इसमें मेंबर थे। इसी कमेटी के सामने कुछ महीने पूर्व रेरा चेयरमैन को लेकर आवेदन गए थे, जिसमें पूर्व मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना भी एक आवेदक थे।
दिल्ली में चल रहे एक मामले के कारण इनका नाम रिजेक्ट हो गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर काम कर रहे आरडी धीमान को रेरा में नियुक्त किया था, जिनका नाम सिलेक्शन कमेटी से आया था। अब रेरा की सिलेक्शन कमेटी में बदलाव किया जा रहा है। इस बारे में एक संशोधन विधेयक सोमवार को विधानसभा में रखा जा रहा है। इसे सदन में नगर एवं ग्राम योजना मंत्री राजेश धर्माणी रखेंगे। पारित करने के लिए इसे बाद में लगाया जाएगा। वैसे भी शीतकालीन सत्र पांच दिसंबर तक है।
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