Mukhya Mantri Bal Udhar Yojna-2016

Mukhya Mantri Bal Udhar Yojna 2016

मुख्य मन्त्री बाल उद्धार योजना -2016 Mukhya Mantri Bal Udhar Yojna-2016

उद्देश्यः बेसहारा बच्चों, अनाथ बच्चों जिन्हें देख-रेख एवं संरक्षण की आवश्यकता हो, उन्हें बाल गृहों में प्रवेश देकर निःशुल्क रहने, शिक्षा, स्वास्थ्य एवम् पुनर्वास इत्यादि सुविधायें प्रदान करके उन्हें आत्म निर्भर बनाना।

सहायताः निःशुल्क रहने की व्यवस्था, 10+2 तक शिक्षा तथा व्यवसायिक प्रशिक्षण आदि।

पात्रताः     6 वर्ष से अधिक आयु के देख-रेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे जिनके माता पिता की मृत्यु हो चुकी चुकी हो या बेसहारा बच्चे जिनके माता-पिता का पता मालूम न हो या जिनके माता-पिता जेल काट रहे हों या जिनके पिता की मृत्यु हो चुकी हो तथा माता ने दूसरी शादी कर ली हो, आदि।

प्रवेश हेतु प्रक्रियाः    पात्र बाल/बालिकाओं के संरक्षक संबन्धित जिलाधीश की सिफारिश सहित मामला निदेशक, महिला एवं बाल विकास को भेजते हैं जो ऐसे बच्चों को विभाग द्वारा संचालित या विभागीय अनुदान से स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से संचालित बाल / बालिका गृहों में प्रवेश देते हैं।

[the_ad id=”3697″]

 

विभाग द्वारा संचालित बाल / बालिका गृह

• प्रथम से आठवीं कक्षा तक के बच्चों हेतु बाल गृह मसली (शिमला) ।

• नवीं से जमा दो कक्षा तक के बच्चों हेतु बालिका गृह मशोबरा स्थित टूटीकण्डी (शिमला) तथा बाल गृह टूटीकण्डी स्थित अर्की, जिला सोलन ।

• प्रथम से दस जमा दो कक्षा तक के सुजानपुर टीहरा (हमीरपुर), बाल बालिका गृह गरली-प्रागपुर (कांगड़ा), बच्चों हेतु बाल गृह साहू (चम्बा), बाल गृह बालिका गृह किलाड़ (पांगी, जिला चम्बा), बालिका गृह सुन्दरनगर (मण्डी) एवं विशेष योग्यता वाली बालिकाओं के लिए संस्थान सुंदरनगर (मण्डी) ।

[the_ad id=”1304″]

 

विभागीय अनुदान से स्वयं सेवी सस्थाओं के माध्यम से संचालित बाल/ बालिका गृह

Mukhya Mantri Bal Udhar Yojna

(i) हिमाचल प्रदेश बाल कल्याण परिषद्

• नवीं से जमा दो कक्षा तक के बच्चों हेतु बाल गृह सराहन (शिमला) • प्रथम से आठवीं कक्षा तक के बच्चों हेतु बाल गृह मैहला (चम्बा), बालिका गृह सुन्नी (शिमला) ।

• प्रथम से दस जमा दो कक्षा तक के बच्चों हेतु बाल गृह कलहैली (कुल्लू), चिल्ली-तीसा (चम्बा) और कल्पा (किन्नौर) तथा विशेष योग्यता वाले (मूक-बधिर एवं दृष्टि-बाधित) बच्चों के लिए संस्थान, ढली. (शिमला) ।
छठी से दस जमा दो कक्षा तक के अस्थि दोष वाले बच्चों के लिए संस्थान, दाड़ी (धर्मशाला) जिला कांगड़ा ।

(ii) कस्तूरबा गांधी राष्ट्रीय स्मारक निधि शिमला
प्रथम से आठवीं कक्षा तक के बच्चों हेतु बाल गृह रौक-वुड शिमला एवं बालिका गृह दुर्गापुर शिमला।

(iii) महिला कल्याण मण्डल चम्बा

• प्रथम से दसवीं कक्षा तक की बालिकाओं हेतु बालिका गृह चम्बा

(iv) दीन बन्धु सेवा मंडल, भरनाल सरकाघाट (मण्डी)

• प्रथम से आठवीं कक्षा तक के बच्चों हेतु बाल गृह भरनाल (मण्डी)

(v) दिव्य मानव ज्योति अनाथालय ट्रस्ट डैहर (मण्डी)

प्रथम से दस जमा दो कक्षा तक के बच्चों हेतु बाल गृह डैहर

(vi) शान्ति निकेतन चिल्ड्रन होम ट्रस्ट, सुबाडू, जिला सोलन ।

• शान्ति निकेतन बाल गृह सुबाटू, जिला सोलन ।

(vii) सहयोग बाल श्रवण विकलांग कल्याण समिति नागचला, जिला मण्डी ।

विशेष योग्यता वाले बच्चों के लिए संस्थान, नागचला, जिला मण्डी

(viii) पालमपुर रौटरी आई फॉऊंडेशन ।

• रामा नंद गोपाल रौटरी हॉस्टल, सल्याणा, त० पालमपुर, जिला कांगड़ा

(ix) दार-उल फजल चिल्ड्रन सोसाईटी, कुल्लू ।

दार-उल फज़ल बाल गृह शुरू (कुल्लू)

(x) इन्स्टीट्यूट ऑफ सिस्टर ऑफ चैरिटी ऊना।

प्रेम आश्रम ऊना

सम्पर्क अधिकारीः जिला कार्यक्रम अधिकारी / जिला बाल संरक्षण अधिकारी ।

[the_ad id=”1305″]

हिमाचल की खबरें Twitter पर पढ़ने के लिए हमें Join करें Click Here
अपने शहर की और खबरें जानने के लिए Like करें हमारा Facebook Page Click Here
हिमाचल प्रदेश की खबरें पढ़ने के लिए हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें Click Here

Author: Bolta Himachal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *