प्रदेश सरकार ने विधवा एवं एकल महिलाओं को पक्की छत उपलब्ध करवाने के लिए आर्थिक सहायता देने की पहल की है। ‘मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को घर के निर्माण के लिए तीन लाख रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है। सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विधवा एवं एकल महिलाओं को अपना आशियाना बनाने में मदद करना और उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन उपलब्ध करवाना है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हर इनसान के लिए अपने घर की छत केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि सुरक्षा और सम्मान का आधार भी होती है। ऐसे में जिन महिलाओं के सामने आर्थिक परिस्थितियों के कारण अपना घर बनाने की चुनौती है, सरकार उन्हें सहायता उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में महिलाओं के साथ खड़े होकर उनके जीवन को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
Himachal Housing Scheme
मुख्यमंत्री के अनुसार योजना के तहत अब तक प्रदेश की 26 विधवा एवं एकल नारी बहनों को घर निर्माण के लिए कुल 78 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। इससे इन महिलाओं को अपना घर बनाने में आर्थिक मदद मिली है। सरकार ने योजना को आगे भी जारी रखने के लिए चालू वित्त वर्ष में दो करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है। सरकार के मुताबिक, योजना का लाभ पात्र विधवा एवं एकल महिलाओं को आवास निर्माण के लिए दिया जा रहा है। तीन लाख रुपए की सहायता ऐसे परिवारों के लिए महत्त्वपूर्ण है, जिन्हें सीमित आय के कारण घर का निर्माण करवाने में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सुरक्षा प्रदान करना है। महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विधवा और एकल महिलाओं को आवास निर्माण के लिए सहायता उपलब्ध करवाना इसी दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि किसी भी जरूरतमंद महिला को आर्थिक मजबूरी के कारण असुरक्षित परिस्थितियों में जीवन न बिताना पड़े।
Himachal News 21 September 2026 | हिमाचल की आज की बड़ी खबरें | Himachal Pradesh News Today
