हिमाचल प्रदेश में वर्षों की सेवा के बाद पदोन्नति का इंतजार करते-करते शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग में लंबित पदोन्नति की फाइलें आगे नहीं बढ़ रही हैं। हिमाचल में 1349 टीजीटी की पदोन्नति अटकी हुई है। इनमें 624 टीजीटी व प्रमोटी प्रवक्ता पिछले चार माह से हेडमास्टर पदोन्नति सूची की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं, टीजीटी से प्रवक्ता पद के लिए 749 शिक्षकों की डीपीसी सितंबर 2025 में हो चुकी है, लेकिन करीब एक साल बाद भी पदोन्नति सूची जारी नहीं हुई। कई पात्र शिक्षक बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
राजकीय टीजीटी कला संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल, उपाध्यक्ष विजय बरवाल और महासचिव विजय हीर ने सरकार से लंबित सूचियां तुरंत जारी करने की मांग की है। संघ के अनुसार प्रदेश के 624 हाई स्कूलों में हेडमास्टर के पद रिक्त हैं। टीजीटी से हेडमास्टर पदोन्नति से करीब 600 पद भरे जा सकते हैं। पदोन्नति में देरी से स्कूलों में नेतृत्व के पद खाली हैं और दूसरी ओर पात्र शिक्षक अपने पदोन्नति लाभ से वंचित होकर सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
संघ ने कहा कि 749 शिक्षकों की प्रवक्ता पदोन्नति सूची जारी होने से डीम्ड नियमित शिक्षकों को पदोन्नति मिल सकती है और करीब 550 शिक्षकों पर मंडरा रहा पदावनति का खतरा खत्म हो सकता है। इससे सीबीएसई कैडर में नियुक्त शिक्षकों के समायोजन का रास्ता भी आसान होगा।
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