Spiral galaxy “Alaknanda” को खोजने के लिए किस टेलीस्कोप का इस्तेमाल किया गया था?

Spiral galaxy Alaknanda

नेशनल सेंटर फॉर रेडियो एस्ट्रोफिजिक्स – टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (NCRA–TIFR), पुणे के रिसर्चर्स ने अलकनंदा (Alaknanda) नाम की एक नई स्पाइरल गैलेक्सी (Spiral galaxy) खोजी है। यह 12 अरब लाइट ईयर दूर है और इसमें एक परफेक्ट स्पाइरल स्ट्रक्चर दिखता है। इसका नाम अलकनंदा नदी और मिल्की वे के लिए हिंदी शब्द से लिया गया है।

Spiral galaxy Alaknanda
Spiral galaxy Alaknanda

यह गैलेक्सी 30,000 लाइट ईयर में फैली हुई है, जिसमें एक चमकदार सेंट्रल उभार के चारों ओर दो साफ स्पाइरल आर्म्स हैं। इसमें तेजी से तारे बनते हैं, हर साल 60 सोलर मास तारे बनते हैं। यह एक युवा मिल्की वे जैसी दिखती है, जो तब बनी थी जब हमारी गैलेक्सी अपनी मौजूदा उम्र का सिर्फ 10% थी। यह खोज नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) का इस्तेमाल करके की गई।

 

अंतरिक्ष में अलकनंदा …

इस गैलेक्सी को भारतीय वैज्ञानिकों ने हिमालय की पवित्र नदी के नाम पर अलकनंदा नाम दिया है. तारों की संख्या: 1,000 करोड़ (10 बिलियन सूर्य जितने तारे!) नई तारों की बनने की रफ्तार: हमारी आकाशगंगा से 20-30 गुना तेज!

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