Mandi acid attack : जिंदगी और मौत के बीच चार दिनों तक चली एक हृदय विदारक जंग देर रात समाप्त हो गई। मंडी तेजाब कांड की शिकार हुई ममता ठाकुर ने पीजीआई अस्पताल में अंतिम सांस ली। इस जघन्य वारदात ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था, जहां ममता को उसके ही पति ने तेजाब से जला दिया था और फिर पहली मंजिल से नीचे धकेल दिया था।
पीड़ा से जूझ रही ममता की हालत चार दिनों से बेहद नाजुक थी। डॉक्टरों ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर की बर्न यूनिट में रखा था, लेकिन 50% से अधिक जलने और जबड़ा टूटने जैसी गंभीर चोटों के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। अपनी मृत्यु से पहले, ममता ने एक मार्मिक इच्छा व्यक्त की: उन्होंने अपने ससुराल पक्ष में अंतिम संस्कार न करने की बात कहते हुए, हनुमान घाट मंडी में ही उन्हें अग्नि देने का आग्रह किया।
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