मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट भाषण में शिक्षा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए 9800 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है। यह राशि स्कूलों और कॉलेजों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर खर्च की जाएगी। डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देते हुए अब प्रदेश के स्कूलों में डिजिटल अटैंडेंस प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति को प्रभावी रूप से मॉनिटर किया जा सकेगा।
शिक्षा निदेशालय का पुनर्गठन, स्कूल-कॉलेज होंगे अलग
सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए शिक्षा निदेशालय के पुनर्गठन का निर्णय लिया है। इसके तहत स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा के लिए अलग-अलग निदेशालय बनाए जाएंगे, जिससे प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा और शिक्षा नीति को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।
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ऊना और कांगड़ा में बनेंगे 4 गर्ल्स होस्टल
छात्राओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से ऊना और कांगड़ा जिलों में चार नए गर्ल्स हाेस्टल बनाए जाएंगे। इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों की छात्राओं को शिक्षा प्राप्त करने में अधिक सुविधा होगी।
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दूरदराज के इलाकों में छात्रावास और परिवहन सुविधाओं पर विचार
राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की है कि दूरदराज के क्षेत्रों में छात्रावास और परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विचार किया जाएगा। इससे उन विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा जो लंबी दूरी तय करके स्कूल और कॉलेज पहुंचते हैं। सरकार के अनुसार ये कदम शिक्षा के स्तर को सुधारने और हर छात्र तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के प्रयासों को और मजबूत करेंगे।
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