Koti Riyasat की स्थापना
कोटी रियासत की स्थापना कुटलेहर रियासत के वंशज चारू के भाई ‘चन्द्र’ ने की थी। कोटी रियासत की राजधानी कोटी थी जिसे बाद में ताराचन्द ठाकुर ने क्यार कोटी में स्थानांतरित किया। कोटी रियासत पर 1809 ई. में गोरखों ने कब्जा कर लिया। 1815 ई. में कोटी रियासत पुनः क्योंथल रियासत की जागीर वन गई।
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हरिचंद ने 1857 ई. में अंग्रेजों की मदद की जिसके बदले उन्हें ‘राणा’ का खिताब दिया गया। कोटी रियासत कुसुमपटी तहसील का भाग बनकर 1948 ई. में (महासू जिला) हि.प्र. में मिल गई।
Establishment of Koti princely state
[sc_fs_faq html=”true” headline=”h2″ img=”254″ question=”कोटी रियासत की स्थापना” img_alt=”” css_class=””] कोटी रियासत की स्थापना कुटलेहर रियासत के वंशज चारू के भाई ‘चन्द्र’ ने की थी। कोटी रियासत की राजधानी कोटी थी जिसे बाद में ताराचन्द ठाकुर ने क्यार कोटी में स्थानांतरित किया। कोटी रियासत पर 1809 ई. में गोरखों ने कब्जा कर लिया। [/sc_fs_faq]
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