शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करों पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने 1.242 किलोग्राम चिट्टे के साथ 361 तस्कर गिरफ्तार किए हैं। पहली जनवरी से पांच जुलाई, 2025 तक ड्रग तस्करी के 148 मामले दर्ज किए हैं। पुलिस ने ड्रग तस्करी के इन मामलों में 361 तस्करों को गिरफ्तार किया है।
शिमला पुलिस ने ड्रग तस्करी के मामले में 26 कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया है। एसएसपी शिमला संजीव गांधी के नेतृत्व में शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करों पर बड़ी कार्रवाई की है। चिट्टा तस्करी में पकड़े गए कर्मचारियों में पंजाब पुलिस, फोरेस्ट गार्ड, लैब टेक्नीशियन, डाक्टर, तहसील कल्याण अधिकारी समेत कई कर्मचारी शामिल हैं। शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करी में शामिल अधिकारियों की सूची तैयार करके प्रदेश सरकार को भेजी है।
अब प्रदेश सरकार नशा तस्करी के मामलों में शामिल कर्मचारियों बर्खास्त कर सकती है। इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने चिट्टा तस्करों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 148 मामले दर्ज किए हैं। शिमला पुलिस ने इस दौरान 361 ड्रग पेडलरों को गिरफ्तार किया है। इन ड्रग पेडलरों में 350 पुरुष एवं 11 महिलाएं शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में 298 हिमाचल प्रदेश, 42 अन्य राज्यों और 21 अन्य देशों के ड्रग पैडलर शामिल हैं। इस अभियान के तहत शिमला पुलिस द्वारा चिट्टा तस्करी से जुड़े कुल 86 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनके कब्जे से कुल 1.242 किलोग्राम तथा 389 मिलीग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद की गई। मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर 26 सरकारी कर्मचारियों को भी शिमला पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया।
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को बैठक में नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पुलिस विभाग को राज्य में नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एसपी संजीव गांधी के नेतृत्व में पुलिस ने राधे गैंग, रंजन गैंग, शाही महात्मा, शाह गैंग और अब गुरमीत गैंग का भंडाफोड़ किया है।
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